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भारी जलभराव के कारण मंदिर परिसर की धंसी जमींन, ग्रामीण घरों में कैद रहने को मजबूर, अवरुद्ध हुए रास्ते

नैनीताल– पर्वतीय क्षेत्र से लेकर पूरे जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में सभी नाले उफान पर है और वही गौला नदी का जलस्तर 37,260 क्यूसेक तक पहुंच गया, जिससे कई इलाके प्रभावित हुए। प्रेमपुर लोश्ज्ञानी, लाललडांठ, कुसुमखेड़ा, छड़ायल सुयाल, शनि बाजार क्षेत्र, जयपुर बीसा, और गंगापुर क्षेत्र में 52 घरों में बारिश का पानी घुस गया।गौलापुल इलाके में लगातार बारिश के कारण सड़क पर गड्ढे बन गए जिससे यातायात में समस्या आ गई। इसके अलावा, हनुमान मंदिर गौलापार के पास भूस्खलन भी हुआ, जिससे इलाके में सुरक्षा की चिंताएं बढ़ गई हैं।

इन हालातों में, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।इसके चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी साथ ही स्थानीय निवासियों को भी मदद के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की गई है।भारी बारिश के कारण सोमवार को बिठोरिया क्षेत्र में बहने वाला बरसाती नाला उफान पर बना हुआ है। नाले के ओवरफ्लो होने के कारण पानी सड़क से होता हुआ खेतों और खाली प्लॉटों में भर गया। सही और समुचित निकासी नहीं होने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। जिसके चलते लगभग 15 कॉलोनी के लोग प्रभावित हो रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर प्रेमपुर लोश्ज्ञानी क्षेत्र में रकसिया नाले के ओवरफ्लो होने के कारण 8-10 घरों में पानी जाने से घरेलु सामान खराब हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने जेसीबी की मदद से नालियों को खुलवाया और पानी निकासी का रास्ता बनवाया। बता दें कि बारिश के कारण गौला का जलस्तर 37,260 हजार क्यूसेक पहुंच गया। जिसके चलते सिंचाई विभाग ने गौला नदी के सभी गेट खोल दिए। हालांकि पर्वतीय क्षेत्र में बारिश कम होने के बाद गौला का जलस्तर लगातार घटता गया। सोमवार देर शाम बारिश रुकने के बाद गौला का जलस्तर रात आठ बजे 18 ,630 क्यूसेक दर्ज किया गया।

सिटी मजिस्ट्रेट के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

इस विषय पर कुमाऊं कमिश्नर के पास शिकायत पहुंची कि दमुवाढूंगा वन विभाग चौकी के पास जेडीएम बरसाती नाला उफान पर आने से कटाव हो रहा है और लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कमिश्नर ने अधिकारियों को निरीक्षण कर समस्या के समाधान के उपाय खोजने के निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई के साथ लोनिवि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी नाले का गहन निरीक्षण किया।

बारिश के कारण काठगोदाम से गौलापार को जाने वाली सड़क पर बने हनुमान मंदिर परिसर में जमीन धंस गयी और आंगन में दरार पड़ गई। करीब 8 से 10 मीटर लंबी दरार के कारण आंगन को भी गौला नदी से खतरा हो गया।

भारी जलभराव के कारण ग्रामीण घरों में कैद रहने को मजबूर


देवखड़ी नाले का पानी सिंचाई नहर में डालने से जमरानी नहर ओवरफ्लो चल रही है। इससे मोतीनगर, मोटाहल्दू, धनपुर, गंगापुर, जयपुर बीसा, गंगापुर कब्डवाल में जलभराव के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। भारी जलभराव के कारण ग्रामीण घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। सोमवार सुबह नहर ओवरफ्लो होने से कई ग्रामीणों के खेत में पानी भरने से फसल बर्बाद हो गई। उधर, मोटाहल्दू के दुर्गा भगवानपुर गांव में कई घरों में नहर का पानी भी घुस गया। प्रधान संगठन की प्रदेश सचिव सचीव सीमा पाठक की सूचना पर पहुंचे एसडीएम परितोष वर्मा और सिंचाई विभाग के अधिकारी। उन्होंने पहुंचकर पोकलैंड के माध्यम से नहर की सफाई कराई।

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